New Year Special || हिंदी कविता || आओ नूतन वर्ष मना लें || हरिवंश राय बच्चन || Hindi Poem || Happy New Year
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| New Year Special Poem |
आओ, नूतन वर्ष मना लें!
आओ, नूतन वर्ष मना लें!
गृह-विहीन बन वन-प्रयास का
तप्त आँसुओं, तप्त श्वास का,
एक और युग बीत रहा है, आओ इस पर हर्ष मना लें!
आओ, नूतन वर्ष मना लें!
उठो, मिटा दें आशाओं को,
दबी छिपी अभिलाषाओं को,
आओ, निर्ममता से उर में यह अंतिम संघर्ष मना लें!
आओ, नूतन वर्ष मना लें!
हुई बहुत दिन खेल मिचौनी,
बात यही थी निश्चित होनी,
आओ, सदा दुखी रहने का जीवन में आदर्श बना लें!आओ, नूतन वर्ष मना लें!
-हरिवंश राय बच्चन
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